हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
एक रंग में जाये सब
बनना हिन्दुस्तानी है|
धर्म का दिन , मजहब की रातें
ये तो बात बेईमानी की,
एक समय जब मिल बैठ हम
ऐसी ईद दीवाली हो |
हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
तुमने लुटा हमने लुटा
दोनों ही सौदाई है
अब ना आंसूं बहे जहाँ में
वो माहौल बनानी है|
हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
एक रंग में जाये सब
बनना हिन्दुस्तानी है|
3 comments:
बात तो भैया आपने कविता में अच्छी कही पर इन सूसरों की समझ में आए तब न
@Agni Veer: भैया आपके इस बात को निचे की दो पक्तियों में बता रहा हूँ
बात समझ में आ जाये अब ऐसी बात समझनी हैं
एक डगर चल दे दोनों ऐसी रह बनानी हैं
Proud to be an Indian...
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