Thursday, October 28, 2010

हिन्दू बनना मुस्लिम बनना

हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
एक रंग में जाये सब
बनना हिन्दुस्तानी है|
धर्म का दिन , मजहब की रातें
ये तो बात बेईमानी की,
एक समय जब मिल बैठ हम
ऐसी ईद दीवाली हो |
हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
तुमने लुटा हमने लुटा
दोनों ही सौदाई है
अब ना आंसूं बहे जहाँ में
वो माहौल बनानी है|
हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
एक रंग में जाये सब
बनना हिन्दुस्तानी है|

3 comments:

Agni Veer said...

बात तो भैया आपने कविता में अच्‍छी कही पर इन सूसरों की समझ में आए तब न

Maya Trends said...

@Agni Veer: भैया आपके इस बात को निचे की दो पक्तियों में बता रहा हूँ

बात समझ में आ जाये अब ऐसी बात समझनी हैं
एक डगर चल दे दोनों ऐसी रह बनानी हैं

Unknown said...

Proud to be an Indian...