Thursday, October 28, 2010

हिन्दू बनना मुस्लिम बनना

हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
एक रंग में जाये सब
बनना हिन्दुस्तानी है|
धर्म का दिन , मजहब की रातें
ये तो बात बेईमानी की,
एक समय जब मिल बैठ हम
ऐसी ईद दीवाली हो |
हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
तुमने लुटा हमने लुटा
दोनों ही सौदाई है
अब ना आंसूं बहे जहाँ में
वो माहौल बनानी है|
हिन्दू बनना मुस्लिम बनना
ये तो राह आसानी की,
एक रंग में जाये सब
बनना हिन्दुस्तानी है|

Wednesday, October 27, 2010

मैंने सोचा ना था

वक्त युहीं गुज़र जायेगा, मैंने सोचा ना था
अरमान ख्वाब रह जायेगे, मैंने सोचा ना था
मैंने रात बहाए थे आसूं उसकी तंगदिली पर
वो यूँही फेर लेगा नज़रे, मेरे मुफलिसी में
ये उसकी जात (जन्म से) में हैं शामिल, मैंने सोचा ना था ||