Wednesday, December 28, 2011

हमारी चाहत

चाहत हमारी कुछ यूँ गुज़ेगी वादियों में
कि ज़माना भी बनाएगा हमारा अफसाना
और कुछ यूँ हमें याद करेगे ये नफ़रत करने वाले
की चाहत करो तो इन दीवानों - सा निभाना ||

Tuesday, December 27, 2011

एक चेहरा

दुनिया में कितने चेहरे देखे
कुछ अधूरे तो कुछ पुरे देखे
मगर मेरी जिंदगी जबसे तुझे देखा
हर चेहरे फिर बस एक चेहरा दिखे ||

वो चाहत हमें नहीं



जो पाकर भूल जाये वो चाहत हमें नहीं
जो तुझे मिटा दे वो चाहत हमें नही
तेरे बिना जो मुझे जीना सीखा दे
वो चाहत हमें नहीं ||